कविता

तुम मुझको कब तक रोकोगे

May 12, 2020 Scribbles 0 Comments < 1 min

Reading Time: < 1 minute मुठ्ठी में कुछ सपने लेकर, भरकर जेबों में आशाएं, दिल में है अरमान यही, कुछ कर जाएं… कुछ कर जाएं । सूरज-सा तेज़ नहीं मुझमें, दीपक-सा जलता देखोगे, अपनी हद रोशन करने से, तुम मुझको कब तक रोकोगे ।।

तू चल

February 5, 2020 Scribbles 0 Comments < 1 min

Reading Time: < 1 minute तू खुद की खोज में निकल तू किस लिए हताश है, तू चल तेरे वजूद की समय को भी तलाश है ।