तुम मुझको कब तक रोकोगे

मुठ्ठी में कुछ सपने लेकर, भरकर जेबों में आशाएं, दिल में है अरमान यही, कुछ कर जाएं… कुछ कर जाएं । सूरज-सा तेज़ नहीं मुझमें, दीपक-सा जलता देखोगे, अपनी हद रोशन करने से, तुम मुझको कब तक रोकोगे ।।